अर्थ-ऑवर डे : 𝙴𝙰𝚁𝚃𝙷 𝙷𝙾𝚄𝚁 𝙳𝙰𝚈 - 𝟸𝟶𝟸𝟷
हैलो फ्रेंड्स क्या आप जानते हैअर्थ-ऑवर डे 𝙴𝙰𝚁𝚃𝙷 𝙷𝙾𝚄𝚁 𝙳𝙰𝚈 के बारे मैं अगर नहीं तो इस पोस्ट में इस बारे मैं बता ने वाले है।
क्यू और किस लिए मनाया जाता है अर्थ-ऑवर डे 𝙴𝙰𝚁𝚃𝙷 𝙷𝙾𝚄𝚁 𝙳𝙰𝚈 और आपको यह भी बताऊंगा की किस दिन को मनाया जाता है और उनका मुख्य हेतु कोन सा है ।
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| 𝙴𝙰𝚁𝚃𝙷 𝙷𝙾𝚄𝚁 𝙳𝙰𝚈 Full Information in Hindi |
मैने नीचे सभी जानकारी हिंदी में पूरी जानकारी दी हुई हैं।
हेलो फ्रेंड्स सवागत हैं आप सब का मेरी वेब साइट पर मै इस आर्टिकल मै आपको अर्थ-ऑवर (Earth Hour) के बारे मैं बताता हूं।अर्थ-ऑवर जलवायु परिवर्तन के खिलाफ लड़ाई और एक बेहतर ग्रह के प्रति प्रतिबद्धता के समर्थन के लिए मार्च महीने के आखिरी शनिवार को दुनिया भर में मनाया जाता है। अर्थ आवर 2021 को 27 मार्च, 2021 को मनाया जा रहा है। अर्थ आवर 2021 का विषय "पृथ्वी को बचाने के लिए जलवायु परिवर्तन (Climate Change to Save Earth)" पर केंद्रित होगा।यह दिवस वर्ल्ड वाइड फंड फॉर नेचर (World Wide Fund for Nature - WWF) द्वारा आयोजित एक विश्वव्यापी आंदोलन है, जो व्यक्तियों, समुदायों, कॉरपोरेट और घरों को 8:30 से 9:30 बजे तक, एक घंटे के लिए अपनी लाइट बंद करने के लिए प्रोत्साहित करता है। यह 2007 में सिडनी, ऑस्ट्रेलिया (Sydney, Australia) में ऊर्जा की खपत और पर्यावरण पर इसके प्रभावों के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए एक लाइट-ऑफ इवेंट के रूप में शुरू किया गया था।
स्पेशल डेस्क : बिजली बचाने के मकसद से दुनियाभर में विश्व भर में अर्थ आवर डे मनाया जाता है। अर्थ ऑवर वर्ल्ड वाइड फंड (WWF) का एक अभियान है। जिसका मकसद लोगों को बिजली के महत्व के प्रति और पर्यावरण सुरक्षा के प्रति जागरुक करना है। अर्थ आवर में दुनियाभर के नागरिकों से न सिर्फ एक घंटे के लिए गैरजरूरी लाइट्स को बंद रखने की अपील की जाती है बल्कि सौर ऊर्जा को भी अपनाने की सलाह भी दी जाती है।
मार्च के आखिरी शनिवार को मनाया जाता है
लेकिन सवाल यह है किर अर्थ आवर मनाया कब जाता है।अर्थ आवर हर साल मार्च के आखिरी शनिवार को मनाया जाता है। इस दिन को सब अलग अलग कई लोग कैंडल जलाकर अर्थ आवर को सेलिब्रेट करते हैं।
अर्थ आवर की जरूरत क्या है
अब सभी जानकारी लेने के बाद पहला प्रश्न यही होता है कि इसकी हमे जरूरत क्या है तो हैं आपको बता दें कीग्लोबल वर्मिंग के खिलाफ हथियार है ये तो हमे इस लिए इसकी बहोत ज्यादा जरूरत है। हमें क्यों इसका हिस्सा बनना चाहिए। इस अभियान में एक घंटे के लिए बिजली बचा लेने से कोई बड़ा बदलाव तो नहीं हो जाएगा। लेकिन एक दिन लिए की गई कोशिश और लोगों की एकजुटता में यह सन्देश देने की कोशिश करते हैं कि बिजली बचाएं। कोशिश करें कि क्लाइमेट में तेजी से हो रहे बदलाव के प्रति लोगों को जागरूक करें।
2007 में हुई थी अर्थ आवर की शुरुआत :
दोस्तो आपको पता है की इस दिन कि शुरुआत कब से यानी की किस साल से हुई थी अर्थ आवर की शुरुआत वर्ष 2007 में ऑस्ट्रेलिया के सिडनी शहर से हुई थी और धीरे-धीरे यह दुनियाभर में पॉपुलर हो गया। 2008 में 35 देशों ने अर्थ आवर डे में हिस्सा लिया। अब अर्थ आवर डे में 178 देश शामिल हो गए हैं।
ग्लोबल वर्मिंग के खिलाफ कारगर हथियार :
अजनबी से भी रिश्ता कायम करने में माहिर हैं RSS के सरकार्यवाह चुने गए दत्तात्रेय होसबले साल 2009 में भारत इस अभियान का हिस्सा बना था। आज अर्थ आवर डे (Earth Hour Day) एक आंदोलन बन चुका है। पर्यावरण विशेषज्ञों कहना है कि डब्ल्यूडब्ल्यूएफ (World Wide Fund for Nature - WWF) के इस वैश्विक अभियान की मदद से जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वर्मिंग जैसी समस्या से लड़ने में मदद मिलेगी। ऐसे में इसे एक दिन नहीं वरन हर दिन मनाना चाहिए।
यह है मकसद
अब तक हमने जो जानकारी ली है तो इसका मकसद क्या है ए भी तो जानना ज़रूरी है कि उसका मकसद आखिर कार है क्या? तो अर्थ आवर डे (Earth Hour Day) वर्ल्ड वाइड फंड (World Wide Fund for Nature, WWF) का एक अभियान है जिसका मकसद ऊर्जा की बचत और पर्यावरण सुरक्षा के प्रति लोगों को जागरुक करना है। वर्ल्ड वाइड फंड का उद्देश्य प्रकृति को होने वाले नुकसान को रोकना और इंसान के भविष्य को बेहतर बनाना है।

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